ASTROLOGY

2016 की पहली शनिश्चरी अवामस्या 9 को, कष्ट दूर करने के ये हैं उपाय
(Yogesh Gautam) Dainikkhabre.com Saturday,09 January , 2016)

नया साल सभी के लिए कुछ ना कुछ नया और शुभ लेकर आता है। इस साल भी शनि दोष से पीडि़त या फिर अन्य ग्रहों की उल्टी चाल से ग्रस्त लोगों को अपनी पीड़ा दूर करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नए साल की पहली शनिश्चरी अमावस्या 9 जनवरी को है। इसे लेकर शनि मंदिरों में तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। इसी के साथ पीडि़त लोग भी अपने कष्टों से निजात पाने के लिए खास उपाय कर सकते हैं। शनिश्चरी अमावस्या शनिवार को सुबह 7:40 बजे से शुरू होकर दूसरे दिन 10 जनवरी रविवार सुबह 7:20 बजे तक रहेगी।

ये उपाय करें-सुंदरकांड का पाठ, हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। -सरसों या तिल के तेल के दीपक में दो लोहे की कीलें डालकर पीपल पर रखें। -शनिदेव पर तिल या सरसों के तेल का दान करें। -चीटीं को शक्कर का बूरा डालें। -अपने वजन के बराबर सरसों का खली (पीना) गौशाला में डालें।

इस तरह शनि की पीड़ा शांत होगी - वर्तमान में मेष राशि के लिए शनि का गोचर आठवां और सिंह राशि के लिए शनि का गोचर चौथा चल रहा है। यह दोनों राशि शनि के ढैय्या के प्रभाव में हैं। तुला, वृश्चिक और धनु राशि शनि के साढ़े साती के प्रभाव में हैं। इसमें तुला का आखिरी ढैय्या, वृश्चिक पर मध्य ढैय्या और धनु के लिए प्रारंभिक ढैय्या है। कुंडली में मार्केश होने पर करें अभिषेक -जिनकी जन्मकुंडली में शनि की दशा चल रही है या फिर वर्तमान में उनकी कुंडली में चौथा, आठवां और 12वें भाव में शनि का भ्रमण हो रहा है। कुंडली में शनि मार्केश है। उन जातकों को शनिचरी अमावस्या के दिन शनिदेव का तेल से अभिषेक करना चाहिए और दान करना चाहिए। साथ ही दशरथकृत शनिस्त्रोत का पाठ करने से शनि की पीड़ा शांत होती है।

 

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