NCR

शिष्य ने गुरु की पूजा के लिए आषाढ़ पूर्णिमा का दिन ही क्यों चुना? 
(Yogesh Gautam) Dainikkhabre.com Monday,19 July , 2021)

NEW DELHI  NEWS, 19 JULY 2021 :  शताब्दियों पूर्व, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को महर्षि वेद व्यास जी का अवतरण हुआ था। वही वेद व्यास जी, जिन्होंने वैदिक ऋचाओं का संकलन कर चार वेदों के रूप में वर्गीकरण किया था।18 पुराणों, 18 उप-पुराणों, उपनिषदों,ब्रह्मसूत्र, महाभारत आदि अतुलनीय ग्रंथों को लेखनीबद्ध करने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है।व्यास जी के लिए प्रसिद्ध है कि ऐसा कोई विषय नहीं, जो महर्षि वेद व्यास जी का उच्छिष्ट या जूठन न हो।ऐसे महान गुरुदेव के ज्ञान-सूर्य की रश्मियों में जिन शिष्यों ने स्नान किया,वे अपने गुरुदेव का पूजन किए बिना न रह सके। अब प्रश्न था कि पूजा किस शुभ दिवस पर किया जाए। एक ऐसा दिन जिस पर सभी शिष्य सहमत हुए, वह था गुरु के अवतरण का मंगलमय दिवस। इसलिए उनके शिष्यों ने इसी पुण्यमयी दिवस को अपने गुरु के पूजन का दिन चुना। यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। तब से लेकर आज तक हर शिष्य अपने गुरुदेव का पूजन-वंदन इसी शुभ दिवस पर करता है। क्या आप जानना चाहते हैं की वैज्ञानिक भी आषाढ़ पूर्णिमा की महत्ता को अब समझ चुके हैं?‘विस्डमऑफ ईस्ट’पुस्तक के लेखक आर्थर चार्ल्स स्टॉक लिखते हैं- जैसे भारत द्वारा खोज किए गए शून्य, छंद, व्याकरण आदि की महिमा अब पूरा विश्व गाता है,उसी प्रकार भारत द्वारा उजागर की गई सद्गुरु की महिमा को भी एक दिन पूरा विश्व जानेगा। यह भी जानेगा कि अपने महान गुरु की पूजा के लिए उन्होंने आषाढ़ पूर्णिमा का दिन ही क्यों चुना? ऐसा क्या खास है इस दिन में?स्टोक्स ने आषाढ़ पूर्णिमा को लेकर कई अध्ययन व शोध किए। इन प्रयोगों के आधार पर उन्होंने कहा- 'वर्ष भर में अनेक पूर्णिमा आती हैं- शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा,वैशाख पूर्णिमा... आदि। पर आषाढ़ पूर्णिमा भक्ति व ज्ञान के पथ पर चल रहे साधकों के लिए एक विशेष महत्व रखती है। इस दिन आकाश में अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन (पराबैंगनी विकिरण) फैल जाती हैं। इस कारण व्यक्ति का शरीर व मन एक विशेष स्थिति में आ जाता है। उसकी भूख, नींद व मन का बिखराव कम हो जाता है।' अतः यह स्थिति साधक के लिए बेहद लाभदायक है। वह इसका लाभ उठाकर अधिक-से-अधिक ध्यान-साधना कर सकता है। कहने का भाव कि आत्म-उत्थान व कल्याण के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अति उत्तम है।दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सभी पाठकों को श्री गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ।

Videos

slider by WOWSlider.com v8.6