FARIDABAD

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर बाघ बचाने की अपील  
(Yogesh Gautam) Dainikkhabre.com Wednesday,29 July , 2020)

Faridabad News, 29 July 2020 : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड, गाइडस और जूनियर रेडक्रॉस ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में ऑनलाइन विश्व प्रकृति संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया। ब्रिगेड प्रभारी, प्राचार्य एवं जूनियर रेडक्रॉस काउन्सलर रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रत्येक वर्ष अट्ठाइस जुलाई को मनाया जाता है,वर्तमान परिपेक्ष्य में कई प्रजाति के जीव-जंतु और वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं। विलुप्त होते जीव-जंतु और वनस्पति की रक्षा का विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर संकल्प लेना ही इसका उद्देश्य है। प्रकृति संरक्षण का समस्त प्राणियों के जीवन तथा इस धरती के समस्त प्राकृतिक परिवेश से घनिष्ठ सम्बन्ध है। प्रदूषण के कारण सारी पृथ्वी दूषित हो रही है और निकट भविष्य में मानव सभ्यता का अंत दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस विश्व भर में 29 जुलाई को मनाया जाता है यह दिवस जागरूकता दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। विभिन्न देशों में अवैध शिकार एवं वनों के नष्ट होने के वजह से बाघों की संख्या में बहुत कमी आई है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य जंगली बाघों के निवास के संरक्षण और विस्तार को बढ़ावा देने के साथ बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इनकी तेजी से कम हो रही संख्या को नियंत्रित करना बहुत ज़रूरी है। मनुष्यों द्वारा शहरों और कृषि का विस्तार बाघों की संख्या कम होने का मुख्य कारण है, इसी कारण से बाघों का 93 प्रतिशत प्राकृतिक आवास खत्म हो चुका है। बाघों का अवैध शिकार भी एक बहुत बड़ी समस्या है जिस के कारण से बाघ अब अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के विलुप्तप्राय श्रेणी में आ गए हैं। बाघों का अवैध शिकार उनके चमड़े, हड्डियों एवं शरीर के अन्य भागों के लिए किया जाता है। इनका इस्तेमाल परंपरागत दवाइयों को बनाने में किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन भी एक कारण है जिससे जंगली बाघों की संख्या कम होती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण से समुद्र का स्तर बढ़ रहा है जिससे जंगलों के समाप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका जसनीत कौर, हेमा वर्मा, निशा और सविता ने छात्राओं निशा, खुशी, पूनम सिंह, शिवानी, प्रीति  तथा चंचल यादव द्वारा बनाई गई पेटिंग और सलोगन की प्रशंसा की तथा कहा कि प्रकृति का संरक्षण कर के हम बाघों, अन्य वन्य जीवन और वन्य जीव सभी को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने में सहायक हो सकते हैं।

 

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